29 नवंबर 2015 - 19:25
 मज़लूमों और पीड़ितों का समर्थन जारी रहेगा।

ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनई ने स्वयंसेवी बल "बसीज" के ढाई हजार कमांडरों से मुलाक़ात में इस अवामी संस्था को ईरानी राष्ट्र का प्रतिनिधि बताया और ईरानी राष्ट्र के प्रति साम्राज्यवादी ताक़तों की दुश्मनी के तरीक़ों की व्याख्या करते हुए जोर देकर कहा कि संप्रभुता, स्वायत्तता और अपनी पहचान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध मोर्चे के खिलाफ़ साम्राज्यवादी मोर्चे की लड़ाई में, ईरानी राष्ट्र दुनिया भर के मज़लूमों व पीड़ितों विशेषकर बहादुर फ़िलिस्तीनी राष्ट्र और पश्चिमी जॉर्डन के आंदोलन के समर्थन की अपनी ज़िम्मेदारी को निभाता रहेगा।

ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनई ने स्वयंसेवी बल "बसीज" के ढाई हजार कमांडरों से मुलाक़ात में इस अवामी संस्था को ईरानी राष्ट्र का प्रतिनिधि बताया और ईरानी राष्ट्र के प्रति साम्राज्यवादी ताक़तों की दुश्मनी के तरीक़ों की व्याख्या करते हुए जोर देकर कहा कि संप्रभुता, स्वायत्तता और अपनी पहचान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध मोर्चे के खिलाफ़ साम्राज्यवादी मोर्चे की लड़ाई में, ईरानी राष्ट्र दुनिया भर के मज़लूमों व पीड़ितों विशेषकर बहादुर फ़िलिस्तीनी राष्ट्र और पश्चिमी जॉर्डन के आंदोलन के समर्थन की अपनी ज़िम्मेदारी को निभाता रहेगा।
ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई ने ईरानी साल के आज़र महीने की 5 तारीख अर्थात 26 नवंबर के दिन की बधाई दी जिस दिन स्वयंसेवी बल "बसीज" के गठन का हुक्म जारी हुआ था और उन्होंने इस आदेश को इमाम खुमैनी र.ह की कुशलता और एक धन्य व रचनात्मक वास्तविकता की निशानी बताया। ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने कहा कि कुछ देशों में घुटन के माहौल में प्रतिरोध करने वाले समूहों का गठन हुआ है, लेकिन यह बात है कि प्रतिरोध समूह आंदोलन की जीत के बाद भी बाक़ी रहें, तरक़्की करें और उनमें विस्तार हो, केवल ईरान के स्वयंसेवी बल "बसीज" से विशेष है।
ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने सार्वजनिक स्वयंसेवी बल "बसीज" की सही परिभाषा बयान करते हुए कहा कि "बसीज" संस्था, जनता से बनी है और जनता का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने कहा कि "बसेजी" आम लोग होते हैं जो महान लक्ष्य के लिए बिना किसी थकावट व घबराहट के हर उस क्षेत्र में जहां उनकी जरूरत पड़े, कूद पड़ते हैं, अपनी क्षमता का प्रदर्शन करते हैं और वह रास्ते के खतरों से घबराते व डरते नहीं हैं।
आयतुल्लाह ख़ामेनई ने बसीज के अंदर सार्वजनिक क्षमताओं और ऊर्जा में निखार और उसमें होने वाले विस्तार को इस संस्था की आश्चर्यजनक सच्चाई बताते हुए कहा: पवित्र प्रतिरक्षा (इराक़ द्वारा ईरान पर थोपी गई आठ वर्षीय जंग) के महान और प्रख्यात कमांडरों के अलावा भी, साइंस व टेक्नालॉजी के मैदान की मशहूर हस्तियों जैसे परमाणु वैज्ञानिक जिन्होंने बड़े महान कारनामे अंजाम दिए और दे रहे हैं, वास्तव में इसी "बसीज" के सदस्य थे और आज भी हैं।
"ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने सार्वजनिक स्वयंसेवक फोर्स "बसीज" की विशेषताएं बताते हुए विभिन्न सैन्य, वैज्ञानिक, कलात्मक, सांस्कृतिक, आर्थिक और प्रतिरोध अर्थव्यवस्था के मैदानों में उसके भरपूर योगदान का उल्लेख किया और कहा कि मैं सरकारी अधिकारियों से मांग की है कि प्रतिरोध अर्थव्यवस्था के संबंध में "बसीज" की क्षमताओं से फायदा उठाया जाए। हालांकि बसीज के कमांडरों को सावधान रहना चाहिए क्योंकि वित्तीय और आर्थिक मामले वह हैं जहां कदम डगमगा जाते हैं और दुश्मन उसे अपने जाल के तौर पर इस्तेमाल करता है।
ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर का कहना था कि विभिन्न क्षेत्रों में बसीज की मौजूदगी का उद्देश्य मक्कार, धूर्त, चालाक, धोखेबाज और शैतान सिफ़त दुश्मन के मुक़ाबले में राष्ट्रीय और क्रांतिकारी पहचान, मूल्यों और लक्ष्यों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि आज अमेरिकी सरकार ईरानी राष्ट्र से साम्राज्यवाद की दुश्मनी का प्रतीक है।
आयतुल्लाह ख़ामेनई ने कहा कि आज विश्व स्तर पर असली टकराव अमेरिका की अगुवाई वाले साम्राज्यवादी मोर्चे और ईरान की अगुवाई में गठित होने वाले संप्रभुता, स्वायत्तता और अपनी पहचान की रक्षा करने वाले मोर्चे के बीच है। उन्होंने कहा कि साम्राज्यवादी मोर्चे को राजनीतिक संस्थाओं और संगठनों के अलावा बड़ी बड़ी जायोनी कंपनियों की ओर से वित्तीय समर्थन और आर्थिक संसाधन भी प्राप्त हैं और वास्तव में साम्राज्यवादी मोर्चा, ताक़त, दौलत और छल कपट के "त्रिकोण" के साथ षड़यंत्र में व्यस्त है।